मोहम्मद अली
जौहर सिद्दिकी
मुज़फ़्फ़रपुर। विलुप्त हो रहे कठपुतली कला के माध्यम से गांव समाज को जागरूक कर नई-नई जानकारी के साथ मनोरंजन कर सबको खुशी प्रदान करनेवाली खुशबू कुमारी उर्फ प्रमिला देवी का जीवन काफी संघर्षमय रहा।2009 में पति मनोज साह के देहांत हो जाने पर 2 साल के बेटे विकास और 4 साल की बेटी पायल की जिम्मेदारी का पालन करते हुए संगीत कला की ओर झुकाव हो गया और जिंदगी की जद्दोजहद में संघर्ष करते हुए मुजफ्फरपुर शहर को अपना आश्रय गृह बनाया। भजन ,कीर्तन, स्टेज शो,झांकी के माध्यम से अपना जीवकोपार्जन चलाने के साथ कला के क्षेत्र में अपनी भूमिका स्थापित करने को लेकर संघर्ष करती रही और 2018 में लोक कलाकार सुनील कुमार के संपर्क में आकर सामाजिक जागरूकता को लेकर गांव ग्राम से लेकर शहर के मंचो पर अपनी कला की छटा बिखेरने लगी।
कठपुतली कलाकार सरला श्रीवास से कठपुतली कला को सीखने के बाद घरेलू हिंसा से लेकर,माहवारी,स्वछता, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मिट्टी जांच से लेकर बकरी प्रबंधन जैसे कठिन विषयों पर लोगों को बड़े ही सहजता से कठपुतली के माध्यम से जागरूक करने वाली प्रमिला देवी के कला के प्रशंसक हर जगह मिल जायेंगे। बोल जमूरे बोल नुक्कड़ नाटक में जमूरी का अभिनय कर सभी को हंसने पर मजबूर करने वाली प्रमिला देवी अपने गमों को भुलाकर समाजसेवा की राह में चल पड़ी जीवन की कड़वी घूंट पीते हुए अपने पुत्र-पुत्री के शिक्षा पर विशेष ध्यान दी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा होने वाले प्रतियोगिता में मिश्रित कला में नाटक में अपने अभिनय और कठपुतली को दिखाकर निर्णायक मंडल को अपने प्रतिभा के दम पर टीम का सलेक्शन कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रमिला देवी युवतियों एवं महिलाओं को सामाजिक संगठन से जोड़ने का कार्य भी कर रही हैं।
कठपुतली कलाकार खुशबू कुमारी उर्फ प्रमिला देवी को क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले सम्मान से सम्मानित होने पर सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी,सचिव अदिति ठाकुर,संरक्षक लोक गायिका अनिता कुमारी,भोला साह,आनंद पटेल,साई सेवादार अविनाश कुमार, कांता देवी,अनिल कुमार ठाकुर,विजय मिश्र,पूर्णिमा मिश्रा,सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरज कुमार,राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित माधुरी यादव,समाजसेवी उमाशंकर प्रसाद उर्फ बब्लू,उत्तम कुमार गुड्डू,वार्ड 42की वार्ड पार्षद अर्चना पंडित,सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बधाई और शुभकामनाएं दी।


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